Gyasuddin Balvan – Short Notes in Hindi

सल्तनत काल 


गुलाम वंश :

स्थापना एवं संस्थापक 
  • गुलाम वंश की स्थापना 1206 ई० में कुतुबद्दीन ऐबक द्वारा की गयी .

गयासुद्दीन बलवन (1266 – 1287)
  • गयासुद्दीन बलवन इल्तुतमिश के चालीसा दल का सदस्य था .
  • 1266 ई० में गयासुद्दीन बलवन के नाम से दिल्ली की गद्दी पर बैठा .
  • बलवन ने अपनी पुत्री का विवाह नसरुद्दीन महमूद शाह के साथ किया था .
  • बलवन का वास्तविक नाम बहाउद्दीन था.
  • नसरुद्दीन महमूद ने बलवन को उलुंग खां की उपाधि दी थी .
  • महरोली में कुतुबमीनार के निकट ही बलवन का मकबरा है . इसका  भारतीय वास्तुकला के विकास में महत्वपूर्ण स्थान है क्यूंकि पहली बार इसमें ही एक सही मेहराब का इस्तेमाल हुआ था .
  • प्रशिद्ध कवि अमीर खुसरो बलवन का समकालीन था . अमीर खुसरो को तोता – ए- हिन्द के उपनाम से भी जाना जाता है . 
बलवन दुवारा किये गए प्रमुख कार्य :

  • बलवन से सत्ता संभालकर इतुतामिश दुवारा बनाये गए चालीसा दल को ख़त्म कर दिया .
  • बलवन ने मंगोलों के आक्रमण से बचने के लिए सैन्य विभाग (दीवाने – ए – अर्ज) का गठन किया .
  • दोआब एवं बंगाल के क्षेत्र में डाकुओ से निपटने के लिए रक्त एवं लोह की नीति अपनाई .
  • दो नयी प्रथाए सिजदा (लेटकर नमस्कार करना) एवं पैबोस (सुल्तान के पैर चूमना) चलाई .
  • नैरोज पर्व का प्रारम्भ हुआ .
  • गुप्तचर विभाग की स्थापना हुई .गुप्तचर को बरीद कहा जाता था.