Wednesday, July 17, 2019

विधुत - भौतिक विज्ञानं सामान्य ज्ञान | (Electricity) - Physics General Knowledge in Hindi , Ohm's Law , Transformer , Generator , Motor Etc in Hindi

विधुत वह उर्जा है जो उन आवेशो से बनती है जो परमाणु को बनाते है - ऋणात्मक आवेश युक्त इलेक्ट्रान (Negative Charge Electron) तथा धनात्मक आवेश युक्त प्रोटोन (Positive Charge Proton).

विधुत  - भौतिक विज्ञानं सामान्य ज्ञान | (Electricity) - Physics General Knowledge in Hindi , Ohm's Law , Transformer , Generator , Motor Etc in Hindi

विधुत धारा क्या होती है ?

किसी विधुतीय आवेश के प्रवाह की गति को विधुत धारा कहते है . यह धनात्मक से ऋणात्मक दिशा में बहती है . अन्य आसान शब्दों में हम कह सकते है - किसी चालक में आवेश के प्रवाह की दर को विधुत धारा कहते है . विधुत धारा का S.I. मात्रक एम्पियर होता है . यह एक अदिश राशि है .मेन लाइन से घरो में हमें प्रत्यावर्ती धारा  (AC) प्राप्त होती है जबकि बटरी से प्राप्त होने वाली धारा को को दिष्ट धारा (DC) कहा जाता है .

रेडियो , टेलीविजन , कंप्यूटर एवं अन्य उपकरणों को (DC) धारा की जरूरत होती है . इनमे कनवर्टर लगा होता है जो AC को DC में बदलता है .

एक एम्पियर विधुत धारा का मान -

जब किसी चालक तार में 1 एम्पियर की विधुत धारा प्रवाहित हो रही हो तो इसका मतलब है की उस चालक तार में प्रति सेकंड 6.25*10^18 इलेक्ट्रान एक सिरे से अन्दर जाते है तथा दुसरे सिरे से बहार निकल जाते है .

प्रतिरोध क्या होता है / What is Resistance ?

जब किसी चालक में विधुत धारा प्रवाहित की जाती है तो चालक के परमाणुओं तथा अन्य कारको के द्वारा 
उत्पन्न बाधा / अवरोध को चालक का प्रतिरोध कहते है . इसका SI मात्रक ओम होता है .

ओम का नियम क्या है  / What Is Ohm's Law -

यदि किसी चालक की भौतिक अवस्था जैसे - ताप आदि में कोई परिवर्तन ना हो तो चालक के सिरों पर लगाया गया विभवानतर (V) वोल्ट तथा इसमें प्रवाहित धारा के अनुक्रमानुपाती होता है . यदि किसी चालक के दो बिन्दुओ के बीच विभवान्तर V वोल्ट हो तथा उसमे प्रवाहित धारा (I) एम्पियर हो , तो ओम (Ω)  के नियमानुसार -

V ∝ I या V = R I .
जहाँ R एक  नियतांक (कांस्टेंट) है . जिसे चालक का प्रतिरोध भी कहते है .

प्रतिरोध के प्रकार -

# ओमीय प्रतिरोध -

जो चालक ओम के नियम का पालन करते है , उनके प्रतिरोध को ओमीय प्रतिरोध कहते है . उदहारण - मैंगनीज का तार .

# अनओमीय प्रतिरोध -

जो चालक ओम के नियम का पालन नही करते है , उनके प्रतिरोध को अनओमीय प्रतिरोध कहते है . उदहारण - डायोडबल्ब का प्रतिरोध.

विधुत का तापीय प्रभाव क्या होता है  -

जब विधुत धारा  किसी उच्च अवरोध (Resistant) वाले धातु के पतले तार से होकर गुजरती है तब तार गर्म होकर चमकने लगता है . जैसे टंगस्टन धातु विधुत प्रवाह में अवरोध उत्पन करती है . ये गर्म होकर सफेद हो जाती है . इस प्रकार विधुत धारा द्वारा प्रकाश उत्पन्न किया जाता है . विधुत बल्ब एवं विधुत हीटर के एलिमेंट ऐसी धातुओ से बनाये जाते है जिनमे उच्च प्रतिरोध यानी ( High Resistant ) होता है .

विधुत का चुम्बकीय प्रभाव क्या होता है -

जब विधुत धारा किसी Coil (कुंडलीनुमा तार) से होकर गुजरती है तो वह चुम्बक का गुण धारण कर लेता है . यह विधुत धारा  द्वरा बनाये गए चुम्बकीय क्षेत्र के कारण होता है .

विधुत के प्रकार -

# स्थिर विधुत -

वह विधुत धारा जो घर्षण या दो असमान वस्तुओ को रगड़ने के द्वारा उत्पन्न होती है स्थिर विधुत कहलाती है . वस्तुओ की प्रकृति के कारण एक वस्तु धनात्मक आवेश तथा दूसरी ऋणात्मक आवेश उत्पन्न करती है इसका कारण वस्तुओ के बीच इलेक्ट्रान का आदान - प्रदान होता है .

उदाहरण - जब शीशे की कोई छड रेशम के कपडे के सम्पर्क में लायी जाती है और उस पर रगड़ी जाती है तब उस छड के कुछ इलेक्ट्रान रेशम के कपडे में चले जाते है जिसके कारण छड इलेक्ट्रान खो देती है और वह धनात्मक आवेश युक्त हो जाती है जबकि रेशम का कपडा इलेक्ट्रान प्राप्त करने के कारण ऋणात्मक आवेश युक्त बन जाता है .

# विधुत प्रवाह -

वह प्रवाह जो घरो में बिजली प्रदान करता है विधुत प्रवाह कहलाता है . इसके दो प्रकार होते है - (1) प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current) एवं (2) दिष्ट धारा (DC) . 

फ्यूज वायर क्या होता है / What Is Fuse Wire -

फ्यूज वायर (तार) ऐसी धातु का बनाया जाता है जो बहुत जल्दी पिंघल जाती हो . जब इसे किसी विधुत परिपथ (Electric Circuit) में लगाया जाता है तो विधुत धारा इससे होकर गुजरती है ज्यादा लोड पड़ने पर यह पिंघल कर टूट जाता है जिससे आगे सर्किट में सप्लाई बंद हो जाती है . और हमारे घरेलू उपकरण ख़राब होने से  बच जाते है .

विधुत विभव क्या होता है -

धनात्मक आवेश को अनन्त से विधुत क्षेत्र के किसी बिंदु पर  में लाने में किये गए कार्य एवं आवेश के मान के अनुपात को उस बिंदु का विधुत विभव कहा जाता है . इसका इकाई मात्रक वोल्ट होता है . यह एक अदिस रासी है .

विभवान्तर क्या होता है -

एक कूलाम धनात्मक आवेश (Positive Charge) को विधुत क्षेत्र में एक बिंदु से दुसरे बिंदु तक ले जाने में किये गए कार्य को उन बिन्दुओ के मध्य विभवान्तर कहते है . इसका मात्रक वोल्ट होता है . यह एक अदिस राशी है .

चालकता क्या होती है / What is Conductance - 

किसी चालक के प्रतिरोध के व्युत्क्रम को उसकी चालकता कहते है . इसे G द्वारा निरुपित किया जाता है . G = 1 / R. चालकता का इकाई मात्रक  Ω−1 Ohm Inverse (ओम का व्युत्क्रम) होता है . इसे मुहो भी कहते है .

विशिष्ट प्रतिरोध (Specific Resistant) किसे कहते है -

किसी चालक का प्रतिरोध उसकी लम्बाई के अनुक्रमानुपाती तथा उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है .  यदि की चालक की लम्बाई l और उसकी अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल A है , 
तो - ∝ 1 / A.
या R = ρ 1/A जहाँ ρ एक नियतांक (Constant) है . जिसे चालक का विशिष्ट प्रतिरोध कहा जाता है .

विशिष्ट चालकता (Conductivity) क्या होती है -

किसी चालक के विशिष्ट प्रतिरोध के व्युत्क्रम को चालक की विशिष्ट चालकता कहते है . जिसे σ से निरुपित किया जाता है व इसका SI   मात्रक ओम मीटर ^ (- 1) होती है Ω−1 m −1 होती है .

प्रतिरोधों का संयोजन ( Combination Of Resistance ) क्या होता है -

समान्यत: दो या दो से अधिक प्रतिरोधो को दो प्रकार से जोड़ा ( Connect ) जा सकता है - (i) श्रेणी क्रम (Series Combination) व (ii) समांतर क्रम ( Parallel Combination) .

Series Combination (श्रेणी क्रम) में जोड़े गए प्रतिरोधो ( Resistance) के  का मान सभी प्रतिरोधो के के योग के बराबर होता है .

R = R1 + R2 + R3 ......... + Rn.
Parallel Combination ( समांतर क्रम) में जोड़े गए प्रतिरोधो ( Resistance) का व्युत्क्रम (Inverse)  का  मान सभी प्रतिरोधो के व्युत्क्रम (Inverse) के योग के बराबर होता है .

1 / R = 1/R1 + 1/R2 + 1/R3 ........... + 1/RN.

विधुत शक्ति ( Electric Power ) किसे कहते है -

किसी विधुत परिपथ में उर्जा के क्षय ( खर्च ) होने की दर को शक्ति ( Power ) कहते है . विधुत शक्ति का SI मात्रक वाट होता है .

विधुत परिपध ( Electric Circuit) में  यूनिट (Unit) कैसे मापते है -

हमारे घरो में बिजली खर्च होने की दर को मापने के लिए मीटर लगा होता है जिसे यूनिट में मापा जाता है .
1 किलो वाट घंटा मात्रक अथवा 1 यूनिट विधुत उर्जा की वह मात्रा है , जो किसी विधुत परिपथ में 1 घंटे में व्यय ( खर्च ) होती है . जबकि परिपथ में 1 किलो वाट की शक्ति (Load) होना चाहिए .

यानी अगर घर में 1 किलो वाट का लोड (जैसे TV , फ्रिज , पंखे , बल्ब) चल रहा है तो 1 घंटे में 1 यूनिट बिजली खर्च होगी .

यूनिट (Unit) कैसे निकालते (Calculate) है -

किलोवाट घंटा मात्रक (1 यूनिट ) = वोल्ट * एम्पियर * घंटा / 1000 
= वाट * घंटा / 1000.
इस तरह से हम यूनिट की गणना (Calculate) कर सकते है .

अमीटर (Ammeter) या एम्पियर मीटर  क्या होता है -

विधुत धारा को एम्पियर में मापने के लिए अमीटर नामक यंत्र का प्रयोग किया जाता है . इसे विधुत परिपथ ( Electric Circuit ) में सदैव श्रेणीक्रम  ( Serial) में लगाया जाता है . इसे एम्पियर मीटर भी खा जाता है . एक आदर्श अमीटर का प्रतिरोध शुन्य होना चाहिए.

वोल्टमीटर ( Voltameter ) क्या होता है -

किसी विधुत परिपथ में किन्ही दो बिन्दुओ के बीच विभवान्तर मापने के लिए वोल्टमीटर का प्रयोग किया जाता है . इसे विधुत परिपथ ( Electric Circuit ) में सदैव समान्तर क्रम ( Parallel) में लगाया जाता है . एक आदर्श वोल्टमीटर का का प्रतिरोध अनन्त होना चाहिए.

गल्वेनोमीटर ( Galvanometer ) क्या होता है -

विधुत परिपथ में विधुत धारा की उपस्थिति बताने वाला एक यंत्र है . इसकी सहायता से हम 10^(-6) एम्पियर तक की विधुत धारा को मापा जा सकता है .

ट्रांसफार्मर ( Transformer) क्या होता है -

ट्रांसफार्मर एक ऐसा विधुत यंत्र है जो विधुत चुम्बकीय प्रेरण के सिधान्त पर कार्य करता है . यह उच्च (High) A.C. Voltage को निम्न (Low) A.C. Voltage में तथा निम्न (Low) A.C. Voltage को उच्च (High) A.C. Voltage में बदलने के लिए प्रयोग किया जाता है .

जनरेटर ( Generator ) क्या होता है -

यह भी विधुत चुम्बकीय प्रेरण के सिधान्त पर कार्य करता है . जनरेटर यांत्रिक उर्जा को विधुत उर्जा में बदलने का कार्य करता है .

विधुत मोटर ( Electric Motor ) क्या होता है -

यह एक प्रकार का विधुत यंत्र है जो विधुत उर्जा को यांत्रिक उर्जा में परिवर्तित करता है . लेकिन यह  विधुत चुम्बकीय प्रेरण के सिधान्त पर कार्य नही करता है .

माइक्रोफोन ( Microphone) किसे कहते है -

यह एक प्रकार का यंत्र है जो की ध्वनी उर्जा को विधुत उर्जा में परिवर्तित करता है . माइक्रोफोन विधुत चुम्बकीय प्रेरण के सिधान्त पर कार्य करता है .

लाउड स्पीकर या स्पीकर ( Loud Speaker / Speaker ) किसे कहते है -

यह एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होती है जो इलेक्ट्रिक सिग्नल को ऑडियो सिग्नल में बदलती है .


आशा करते है हमारे द्वरा दी गयी " विधुत  - भौतिक विज्ञानं सामान्य ज्ञान | (Electricity) - Physics General Knowledge in Hindi , Ohm's Law , Transformer , Generator , Motor Etc in Hindi " की जानकारी आपको  अच्छी लगी होगी . इस   विषय से जुड़ा कोई भी प्रश्न पूछने के लिए कमेंट करे . और इस पोस्ट को हो सके तो शेयर जरूर करे .

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