Thursday, July 18, 2019

चुम्बकत्व - Physics General Science | Science GK in Hindi | भू - चुम्बकत्व , क्युरी ताप , डोमेन , चुम्बकीय पदार्थ , चुम्बकीय बल रेखाए , चुम्बकीय क्षेत्र , चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता

चुम्बक एक ऐसा पदार्थ है जिसमे लोहे , कोबाल्ट तथा निकल के टुकडो को अपनी और आकर्षित (खीचने) की क्षमता होती है . जब इसे मुक्त रूप से लटकाया जाता है तो इसके किनारे उत्तर दक्षिण की और संकेत करते है . जब किसी चुम्बक के टुकड़े किये जाते है तो उनमे से प्रत्येक टुकड़ा एक स्वतंत्र चुम्बक बन जाता है . चुम्बक के दो ध्रूव होते है - उत्तर और दक्षिण दोनों में समान शक्ति होती है . समान ध्रुव एक - दुसरे से दूर भागते है तथा विपरीत ध्रुव एक - दुसरे को अपनी और खीचते है .

चुबक्तव - Physics General Science | Science GK in Hindi | भू - चुम्बकत्व , क्युरी ताप , डोमेन , चुम्बकीय पदार्थ , चुम्बकीय बल रेखाए , चुम्बकीय क्षेत्र , चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता
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चुम्बक का लोहे , कोबाल्ट तथा निकिल के टुकडो को अपनी और खीचने का गुण चुम्बक कहलाता है . चुम्बक के सिरों के समीप चुम्बकत्व सबसे अधिक होता है . चुम्बक के ठीक मध्य में चुम्बकत्व नही होता है .


  • प्राकृतिक चुम्बक लोहे का आक्साइड (Fe3O4) है . इसका कोई निश्चित आकार नही होता है .
  • कृत्रिम विधियों द्वारा बनाए गए चुम्बक को कृत्रिम चुम्बक कहते है . कृत्रिम चुम्बक लोहे , इस्पात , कोबाल्ट आदि से बनाई जाती है . इसकी आकृति कई प्रकार की हो सकती है - जैसे छड चुम्बक , घोडानाल चुम्बक , चुम्बकीय सुई आदि.
  • यदि किसी चुम्बक को किसी क्षैतिज तल में स्वतंत्रतापूर्वक लटकाने पर उसका एक ध्रुव सदैव ऊतर की और तथा दूसरा ध्रुव दक्षिण की ओर रहता है .
  • चुम्बक किसी चुम्बकीय पदार्थ में प्रेरणा (Induction) द्वारा चुम्बकत्व उत्पन्न कर देता है .

चुम्बकीय क्षेत्र (Magnetic Field) किसे कहते है -

चुम्बक के चरों ओर का वह क्षेत्र जिसमे चुम्बक के प्रभाव का अनुभव किया जा सकता है उसे चुम्बक का चुम्बकीय क्षेत्र कहते है .


चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता   (Magnetic Field Intensity) क्या होती है -

चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता - चुम्बकीय क्षेत्र में क्षेत्र के लम्बवत एकांक लम्बाई का ऐसा चालक तार रखा जाए जिसमे एकांक प्रबलता की धारा प्रवाहित हो रही हो तो चालक पर लगने वाला बल ही चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता की माप होगी . चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता एक सदिस राशी है . इसका मात्रक न्यूटन / एम्पियर - मीटर अथवा वेबर/मी^2 या टेस्ला (T) होता है .

चुम्बकीय बल रेखाए ( Magnetic Lines of Forces)  क्या होती है -

चुम्बकीय क्षेत्र में बल रेखाएं वे काल्पनिक रेखाएं है , जो उस स्थान में चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा को अविरत प्रदर्शन करती है . चुम्बकीय बल रेखा के किसी भी बिंदु पर खिचीं गई स्पर्श रेखा उस बिंदु पर चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा को प्रदर्शित करती है .

चुम्बकीय बल रेखाओ के प्रमुख गुण -
  1. चुम्बकीय बल रेखाये हमेशा चुम्बक के उत्तरी ध्रुव से निकलती है तथा वक्र बनाती हुई दक्षिणी ध्रुव में प्रवेश कर जाती है और चुम्बक के अन्दर से होती हुई फिर से उत्तरी ध्रुव पर वापस आती है .
  2. दो बल - रेखाए एक दुसरे को कभी भी नहीं काटती है .
  3. चुम्बकीय क्षेत्र जहाँ प्रबल होता है वहां बल रेखाएं पास - पास होती है .
  4. एक समान चुम्बकीय क्षेत्र की बल रेखाएं परस्पर समांतर एवं बराबर दूरियों पर होती है .

चुम्बकीय पदार्थ (Magnetic Substances) के कुछ प्रमुख प्रकार - 

  1. प्रति चुम्बकीय पदार्थ ( Dia - Magnetic Substances) -  प्रति चुम्बकीय पदार्थ वे पदार्थ है , जो चुम्बकीय क्षेत्र में  रखे जाते  है तो विपरीत दिशा में चुम्बकित  जाते है . प्रति चुम्बकीय पदार्थो के कुछ प्रमुख उदहारण है जैसे - जस्ता , बिसमित , तांबा , सोना , चांदी , हीरा , नमक , जल आदि .
  2. अनुचुम्ब्कीय पदार्थ ( Paramagnetic Substances ) -  अनु चुम्बकीय पदार्थ वे पदार्थ है , जो चुम्बकीय क्षेत्र में रखने पर क्षेत्र की  दिशा में थोड़ी सी ( कम से कम) चुम्बकीय हो  जाते है . अनुचुम्ब्कीय पदार्थो के कुछ प्रमुख उदाहरण है जैसे एल्युमीनियम , प्लैटिनम , सोडियम , क्रोमियम , आक्सीजन   आदि .
  3. लोह चुम्बकीय पदार्थ ( Ferromagnetic Substances) -  लोह चुम्बकीय पदार्थ वे पदार्थ है , जो चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा में प्रबल रूप से चुम्बकित हो जाते   है . लोहा , निकिल , कोबाल्ट , इस्पात आदि लोह चुबकिय पदार्थो के कुछ प्रमुख  उदहारण  है .

डोमेन (Domain) किसे कहते है -

लोह चुम्बकीय पदार्थो में प्रत्येक परमाणु ही एक चुम्बक होता है तथा इन पदार्थो में असंख्य परमाणुओं के समूह होते है जीने डोमेन कहते है . एक डोमेन में 10^18 से 10^21 तक परमाणु होते है , लोह चुम्बकीय पदार्थो का तीव्र चुम्बकत्व इन डोमेनो के कारण ही होता है .

क्युरी ताप (Curie Temprature) क्या होता है - 

क्युरी ताप वह ताप है , जिसके ऊपर पदार्थ अनु चुम्बकीय व जिसके नीचे पदार्थ लोह चुम्बकीय होता है . लोहा एवं निकल के लिए क्युरी ताप का मान क्रमशः 770०C तथा 358०C होता है .
  • अस्थाई चुम्बक बनाने के लिए नर्म लोहे का प्रयोग किया जाता है .
  • स्थाई चुम्बक बनाने के लिए इस्पात (Steal) का उपयोग किया जाता है .

भू - चुम्बकत्व (Terrestrial Magnetism) क्या होता  है - 

किसी स्थान पर पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र को तीन तत्वों द्वारा व्यक्त किया जाता है - दिकपात कोण (angle of declination) , नमन कोण (angle of dip) तथा चुम्बकीय क्षेत्र क्षैतिज घटक ( horizontol component of earth's magnetic field) - 
  • दिकपात कोण (Angle of Declination) : किसी स्थान पर भौगोलिक याम्योत्तर तथा चुम्बकीय याम्योत्तर के बीच के कोण को दिकपात कोण कहते है .
  • नमन कोण (Angle of Dip) : किसी स्थान पर पृथ्वी का सम्पूर्ण चुम्बकीय   क्षेत्र  तल के साथ जितना कोण बनता है , उसे उस स्थान का नमन कोण कहते है .  पृथ्वी के ध्रुव पर नमन कोण का मान 90०C तथा विषुवत रेखा 0०C रहता है .
  • चुम्बकीय क्षेत्र क्षैतिज घटक ( Horizontal Component of Earth's Magnetic Field) - पृथ्वी के सम्पूर्ण चुम्बकीय क्षेत्र के क्षैतिज घटक (H) अलग अलग स्थानों पर अलग अलग होता है . परन्तु इसका मान लगभग 0.4 गोस या  0.4*10^-4  टेस्ला  होता है .
आशा करते है हमारे द्वरा दी गयी " चुबक्तव - Physics General Science | Science GK in Hindi | भू - चुम्बकत्व , क्युरी ताप , डोमेन , चुम्बकीय पदार्थ , चुम्बकीय बल रेखाए , चुम्बकीय क्षेत्र , चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता " की जानकारी आपको  अच्छी लगी होगी . इस   विषय से जुड़ा कोई भी प्रश्न पूछने के लिए कमेंट करे . और इस पोस्ट को हो सके तो शेयर जरूर करे .

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