हर्यक वंश का संस्थापक कौन था – पढ़े मगध के हर्यक वंश के संस्थापक से जुडी महत्वपूर्ण जानकारी

प्राचीन 16 महाजनपदो में से मगध एक साम्राज्य था जिससे परीक्षाओ में बहुत अधिक संख्या में प्रश्न पूछे जाते है . हम यहाँ पर ऐसे ही सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों के बारे में आपको जानकारी देंगे . जैसे यह प्रमुख प्रश्न –
हर्यक वंश का संस्थापक  कौन था ? , Hryak Vansh Ka Sansthapak Koun Tha ? यह प्रश्न कई बार परीक्षा में पूछा जा चूका है . इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको मगध के हर्यक वंश के संस्थापक  के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारिया प्रदान करेंगे – सबसे पहले बात करते है हर्यक वंश के संस्थापक  के बारे में  –

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हर्यक वंश का संस्थापक कौन था ?

बिम्बिसार हर्यक वंश का संस्थापक था . इसने मगध पर 543 ई०पू० से 492 ई०पू० तक शासन किया . 

हर्यक वंश के संस्थापक बिम्बिसार के बारे में कुछ अन्य  महत्वपूर्ण जानकारी –

  • बिम्बिसार ने राजगृह को अपनी राजधानी बनाया .
  • इसने अंग को जीतकर को जीतकर अपने पुत्र अजातशत्रु को वहां का शासक बना दिया .
  • बिम्बिसार ने वैवाहिक सम्बन्धो के द्वारा अपना राज्य का विस्तार किया . उसने पंजाब की राजकुमारी क्षेमा से , लिच्छवी के राजा चेटक की बहन चेलन्ना से तथा प्रसेनजित की बहन कोसल से विवाह किया.
  • राजा प्रसेनजित की बहन कोसल से विवाह करने के उपरांत बिम्बिसार को काशी से दहेज के रूप में राजस्व प्राप्त होने लगा .
  • बिम्बिसार ने ब्रह्मदत्त को हराकर  अंग राज्य पर विजय प्राप्त की थी.
  • बिम्बिसार गौतम बुद्ध का समकालिन था ,  तथा बुद्ध से कई बार इसकी भेंट हुई थी, बुद्ध से प्रभावित होकर उसने बौद्ध धर्म ग्रहण कर  लिया था .
  • जैन व बौद्ध दोनों साहित्यों में बिम्बिसार को उनके धर्म का अनुयायी होने का दावा किया गया  है.
  • बौद्ध ग्रन्थ ‘विनयपिटक’ के अनुसार, बिम्बिसार ने अपने पुत्र अजातशत्रु को युवराज घोषित कर दिया था परन्तु अजातशत्रु ने जल्द राज्य पाने की कामना में बिम्बिसार की हत्या करके मगध की गद्दी पर बैठ गया . उसे ऐसा कृत्य करने के लिये बुद्ध के चचेरे भाई ‘देवदत्त’ ने अजातशत्रु को उकसाया था और यह षड्यन्त्र रचा था.
  • जैनियों के ग्रन्थ ‘आवश्यक सूत्र’ के अनुसार, जल्द राज्य पाने की चाह में अजातशत्रु ने अपने पिता बिम्बिसार को कैद कर लिया, जहां रानी चेल्लना ने बिम्बिसार की देखरेख की. बाद में जब अजातशत्रु को पता चला कि उसके पिता उसे बहुत चाहतें हैं और वे उसे युवराज नियुक्त कर चुकें हैं, तो अजातशत्रु ने लोहे का डंडे से  बिम्बिसार की बेडियां काटने चला पर उसके पिता  ने किसी अनिष्ठ की आशंका में जहर खा लिया और इस प्रकार बिम्बिसार की म्रत्यु हुई .
आशा करता हु इस पोस्ट में दी गयी जानकारी ” हर्यक वंश का संस्थापक  कौन था ? , Hryak Vansh Ka Sansthapak Koun Tha ? आपको पसंद आई होगी . इस विषय से सम्बंधित यदि आपके कोई सवाल है तो आप हमसे  कमेंट के द्वारा पूछ सकते है . यदि आपको जानकारी   अच्छी लगी हो तो इसे शेयर करना न भूले .