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Sunday, February 17, 2019

चीनी यात्री ह्वेनसांग भारत कब आया | Chini Yatri Hwensang Bharat Kab Aaya | ह्वेनसांग कौन था - ह्वेनसांग से सम्बंधित महत्वपूर्ण प्रश्न -

भारत में आने वाले विदेशी यात्रियों से सम्बंधित प्रश्न अक्सर करके परीक्षाओ में पूछे जाते है आज इसी क्रम में हम इस बहुत ही महत्वपूर्ण प्रश्न के बारे में आपको बताएँगे .

  चीनी यात्री ह्वेनसांग  भारत कब आया / Chini Yatri Hwensang Bharat Kab Aaya
चीनी यात्री ह्वेनसांग भारत कब आया ?

चीनी यात्री ह्वेनसांग  भारत कब आया / Chini Yatri Hwensang Bharat Kab Aaya ? यह क्वेश्चन कई बार परीक्षा में पूछा गया है . इस पोस्ट के  माध्यम से हम आपको चीनी यात्री ह्वेनसांग के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियाँ देंगे .  सबसे  पहले बात करते है ह्वेनसांग के भारत आने के समय के बारे में .

चीनी यात्री ह्वेनसांग भारत कब आया  / When did Chinese Traveler Hwensang Come to India -

चीनी यात्री ह्वेनसांग लगभग 630 - 643 ई० में भारत आया यह हर्षवर्धन के शासनकाल में भारत आया था .

ह्वेनसांग कौन था / How Was Hwensang ?

ह्वेनसांग एक चीनी यात्री , बौद्धभिक्षु , लेखक , अनुवादक था जो लगभग 630 - 643 ई० में भारत आया था .
इनका का जन्म चीन के लुओयंग नामक स्थान पर सन 602 ई० में हुआ था और मृत्यु 5 फरवरी, 664 ई० में हुई थी. इनके पिता की मृत्यु सन 611 ई० में हुई जिसके बाद यह अपने बड़े भाई चेनसू  के साथ जिंगतू मठ में रहे. (इनके बड़े भाई बाद में चांगजी कहलाये). सन 622 ई० में ये पूर्ण भिक्षु बन गए. जब ये बीस वर्ष के थे तो  बौद्ध पाठ्यों में मतभेद और भ्रम के कारण इन्होने भारत जाकर मूल पाठ का अध्ययन करने का निश्चय किया.
ह्वेनसांग हर्षवर्द्धन के शासन काल में भारत आया था. वह भारत में 15 वर्षों तक रहा. उसने अपनी पुस्तक सी-यू-की में अपनी यात्रा तथा तत्कालीन भारत का विवरण दिया है. ह्वेनसांग द्वारा किये गए वर्णनों से हर्षकालीन भारत की सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक अवस्था का परिचय मिलता है.

ह्वेनसांग से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारियाँ -

  • ये अपने चारों भाई-बहनों में सबसे छोटा थे.
  • इनके पिता एक कन्फ्यूशियनिस्ट थे.
  • ह्वेनसांग ने चांगान में कई विदेशी भाषाए सीखी और 626 ई० में संस्कृत में पारंगत हो गये थे .
  • ऐसा माना जाता है की सन 629 ई० में इन्हें एक स्वप्न में भारत जाने की प्रेरणा मिली.
  • ये भारत में 15 वर्षो तक रहे इन्होने यहाँ बौद्ध ग्रथो का अध्यन किया और इनका चीनी भाषा में अनुवाद भी किया .
  • ह्वेनसांग भारत में नालंदा विश्विधालय में पढने तथा यहाँ से बौद्ध ग्रंथो को एकत्रित करके अपने देश चीन ले जाने के उद्देश्य से भारत आया था .
  • ह्वेनसांग को कई उपनामों से जाना जाता है जैसे - यात्रियों का राजकुमार , नीति का पंडित , वर्तमान शाक्यमुनि .

ह्वेनसांग से सम्बंधित परीक्षाओ में पूछे जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न - 

Q 1. ह्वेनसांग भारत क्यों आया था ?
उत्तर :  ह्वेनसांग भारत में नालंदा विश्विधालय में पढने तथा यहाँ से बौद्ध ग्रंथो को एकत्रित करके अपने देश चीन ले जाने के उद्देश्य से भारत आया था .
Q 2. ह्वेनसांग किसके शासनकाल में भारत  आया था ?
उत्तर :  ह्वेनसांग हर्षवर्धन के शासनकाल में भारत  आया था.
Q 3. ह्वेनसांग भारत में कितने दिन रहा ?
उत्तर :  ह्वेनसांग 15 वर्षो तक भारत में  रहा.
Q 4. ह्वेनसांग अपनी कौन सी पुस्तक में अपनी यात्रा तथा तत्कालीन भारत का विवरण दिया है?
उत्तर :उसने अपनी पुस्तक सी-यू-की में अपनी यात्रा तथा तत्कालीन भारत का विवरण दिया है.


आशा करता हु इस पोस्ट में दी गयी जानकारी " Chini Yatri Hwensang Bharat Kab Aaya / चीनी यात्री ह्वेनसांग  भारत कब आया " आपको पसंद आई होगी . इस विषय से सम्बंधित यदि आपके कोई सवाल है तो आप हमसे  कमेंट के द्वारा पूछ सकते है . यदि आपको जानकारी   अच्छी लगी हो तो इसे शेयर करना न भूले . 

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