Thursday, March 29, 2018

Shabd Vichar , Tatsam Shabd , Tatbhav Shabd | तत्सम शब्द , तत्भव शब्द , देशज शब्द , विदेशज शब्द - हिंदी व्याकरण - short notes

 Shabd Vichar , TatSam Tatbhav Shabd ( शब्द विचार , तत्सम , तत्भव शब्द ) : Hindi Vayakaran.



शब्द विचार :

एक या अधिक वर्णों से बनी हुई स्वतंत्र या सार्थक ध्वनी शब्द कहलाती है . जैसे हाथ , कलम , किताब आदि .

शब्दों के कितने भेद है ?

शब्दों के निम्न भेद है -
A. व्युत्पत्ति या बनावट  के आधार पर शब्दों के तीन भेद है -
  1. रुढ़िवादी शब्द  : वे शब्द जो अलग - अलग करने पर कोई अर्थ ना देते हो रुढ़िवादी शब्द कहलाते है . जैसे - हाथ , पाँव , मेज , कलम , कुर्सी ,कलम आदि .
  2.  योगिक शब्द  : वे शब्द जो दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर बने होते है योगिक शब्द कहलाते है  जैसे - छात्रावास , विधालय आदि .
  3. योगरुढ़ि शब्द : वे शब्द जो दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर बने हो परन्तु वे अपना अर्थ छोड़कर एक विशेष अर्थ देने लगते हो वह योगरुढ़ि शब्द कहलाते है .

जैसे - दशानंद - (रावण).
         नीलकंठ - (शिव)
          पंकज  - (पंक + ज) = कीचड़ + उत्पन्न.
B. स्रोत या उत्पत्ति के आधार पर : 
  1. तत्सम शब्द 
  2. तत्भव शब्द 
  3. देशज शब्द 
  4. विदेशज शब्द 
  • तत्सम शब्द : वे शब्द जो हिंदी भाषा में संस्कृत भाषा से बिना किसी परिवर्तन के ज्यो के त्यों ले लिए गए है तत्सम शब्द कहलाते है . जैसे - अग्नि , सूर्य , दिन , मुख , उत्थान आदि .
  • तत्भव शब्द : जो शब्द संस्कृत भाषा से उनके रूप बदलकर हिंदी भाषा में लिए गए अहि तत्भव शब्द कहलाते है . जैसे - आग , हल्दी , करोड़ , अदरक आदि .
  • देशज शब्द : वे शब्द जो क्षेत्रीय भाषा के प्रभाव के कारण या रीति - रिवाज के कारण हिंदी भाषा में आ गए है देशी या देशज शब्द कहलाते है . जैसे - झुग्गी , खाट , तेंदुआ , लोटा , खिड़की .
  • विदेशज शब्द : वे शब्द जो विदेशी भाषा के थे परन्तु ज्यो के त्यों हिंदी भाषा में ग्रहण कर लिए गए है . जैसे - रिक्शा - जापानी , कैंची - तुर्की  , टका - बंगला , हिंदी - चीनी . 

C.  व्याकरण के आधार पर  :


  1.  विकारी शब्द 
  2. अविकारी शब्द 
  • विकारी शब्द : ये चार प्रकार के होते है संज्ञा , सर्वनाम , विशेषण , क्रिया .
  • अविकारी शब्द : ये चार प्रकार के होते है - क्रिया विशेषण , सम्बन्ध बोधक , समुच्चय बोधक , विषमय बोधक .