वृत (CIRCLE) की बेसिक जानकारी हिंदी में - Basic Knowledge of Circle

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वृत (CIRCLE) की बेसिक जानकारी हिंदी में 
वृत की परिभाषा : किसी एक बिंदु से सामान दुरी पर स्थित बिन्दुओ का समुच्चय अथवा बिन्दुओ का  पथ वृत कहलाता है .



वृत के गुण :

  1. स्थिर बिंदु O वृत का केंद्र कहलाता है .
  2. O वृत पर स्थित किसी बिंदु A की दुरी OA वृत की त्रिज्या कहलाती है .
  3. वृत के केंद्र से गुजरने वाली जीवा (रेखा) वृत का व्यास कहलाती है .
  4. एक ही वृत्त की सभी त्रिज्याऐं समान होती है।
  5. वृत्त के व्यास द्वारा परिधि के किसी भी बिंदु पर अंतरित कोण 90 डिग्री होता है।
  6. किसी बाह्य बिदु से एक वृत्त पर खींची दो गई स्पर्श रेखाएं बराबर होती हैं।
  7. जीवा पर केन्द्र से डाला गया लम्ब उस जीवा का समद्विभाजक भी होता है।

वृत का क्षेत्रफल : वृत का क्षेत्रफल निम्न सूत्र के द्वारा ज्ञात किया जा सकता है -

वृत का क्षेत्रफल A = π r² 
                         = π * r * r.      

उदा० - एक वृत की त्रिज्या 7 सेमी है . वृत का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए ?


हल - वृत का क्षेत्रफल     = π r² 
                                     = 22/7*7*7
                                     = 154 वर्ग सेमी.
वृत की परिधि : वृत की परिधि निम्न सूत्र के द्वारा ज्ञात की जा सकता है -

वृत की परिधि =  2.π r.
                    = 2*π *r.

उदा० - एक वृत की त्रिज्या 7 सेमी है , वृत की परिधि ज्ञात कीजिए ?


हल - दिया है   -- r = 7 सेमी
                परिधि = ?

वृत की परिधि     = 2*π *r. 
                        = 2 * 22/7 * 7 
                        = 44 सेमी
                          






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