Thursday, November 16, 2017

Tuglak Vnsh - Gyasudin Tuglak - Short Notes | तुगलक वंश (1320 - 1414) - ग्यासुदीन तुगलक - Short Notes

 तुगलक वंश (1320 - 1414)
  • तुगलक वंश का संस्थापक गाजी मलिक  (ग्यासुदीन तुगलक) था .
  • गाजी मलिक ने 5 सितम्बर 1398 ई० को खिलजी वंश के शासक खुसरो खां को पराजित करके गाजी मलिक या तुगलक गाजी ग्यासुदीन तुगलक के नाम से 8 सितम्बर 1320 ई० को दिल्ली की गद्दी पर बैठा .
ग्यासुदीन तुगलक   
  • गाजी मलिक खुसरो कहाँ को पराजित कर ग्यासुदीन तुगलक के नाम से 8 सितम्बर 1320 ई० को  दिल्ली की गद्दी पर बैठा .
  • ग्यासुदीन तुगलक ने 29 बार मंगोल आक्रमणों को विफल किया .
  • माना जाता है ग्यासुदीन तुगलक ऐसा पहला शासक था जिसने सिंचाई व्यवस्था में सुधार के लिए कई नहरों एवं कुओं का निर्माण कराया .
  • ग्यासुदीन तुगलक ने दिल्ली के समीप तुगलकाबाद नामक नया नगर स्थापित किया .
  • इसने तुगलकाबाद में छप्पनकोट के नाम से एक दुर्ग बनवाया , जिसे रोमन शैली में बनवाया गया था .
  • गयासुदीन तुगलक की म्रत्यु 1325 ई० में हुई . ग्यासुदीन तुगलक की म्रत्यु बंगाल अभियान से लौटते हुए जुना कहाँ द्वारा बनवाये गए लकड़ी के महल में दबकर हुई .  


                                   मुहम्मद बिन तुगलक   (1325 ई० - 1351 ई०)


  • गयासुदीन तुगलक की म्रत्यु के बाद  जुना खां मुहम्मद बिन तुगलक के नाम से दिल्ली की गद्दी पर बैठा .
  • ऐसा मना जाता है की मुहम्मद बिन तुगलक मध्यकालीन सभी सुल्तानों में से सबसे अधिक शिक्षित , विद्वान एवं बहुत ही योग्य व्यक्ति था .
  • उसको उसकी सनक भरी योजनाओ के कारण तथा क्रूर क्रत्यो तथा किसी के प्रति सुख दुःख का भाव न रखने के कारण उसे स्वपनशील , पागल एवं रक्तपिपासु भी कहा गया है .
  • मुहम्मद बिन तुगलक के द्वारा राजधानी दिल्ली से बदलकर देवगिरी कर दी गयी तथा इसका नाम बदलकर दौलताबाद कर दिया गया .
  • मुहम्मद बिन तुगलक ने पीतल (फरिश्ता के अनुसार) तथा तांबा (बरनी के अनुसार) धातुओ के सिक्के चलाये .  
  • अफ़्रीकी यात्री इब्न बतूता 1333 ई० में भारत आया . मुहमद बिन तुगलक ने इसे दिल्ली का काजी नियुक्त किया .
  • 1342 ई० में मुहमद बिन तुगलक ने इब्न बतूता को अपने राजदूत के रूप चीन भेजा .
  • इब्न बतूता की पुस्तक रेहला में मुहम्मद बिन तुगलक के समय की घटनाओ का वर्णन मिलता है .इब्न बतूता की पुस्तक में उस समय की गुप्तचर व्यवस्था , विदेशी व्यापार , डाक चौकियो  की स्थापना के बारे में लिखा है .
  • मुहम्मद बिन तुगलक की म्रत्यु 20 मार्च 1351 ई० को सिंध जाते समय थट्टा के निकट गोडाल में हो गयी .
Read Also 

पुरस्कार (Awards) से सम्बंधित महत्वपूर्ण प्रश्न