Wednesday, July 19, 2017

Saltnat Kal Alauddin Khilji - Short Notes In Hindi

सल्तनत काल 

खिलजी  वंश :


स्थापना एवं संस्थापक 
  • खिलजी वंश की स्थापना जलालुद्दीन फिरोज  खिलजी ने की थी .
  • 12 जून , 1290 ई ० में गुलाम वंश के अंतिम शासक को समाप्त कर जलालुद्दीन फिरोज खिलजी ने वंश की स्थापना की .
  • जलालुद्दीन फिरोज खिलजी 70 वर्ष की आयु में दिल्ली की गद्दी पर बैठा .
  • सुल्तान बनने से पहले वह बरन (बुलंदशहर) का गवर्नर था.
  • माना जाता है की वह दिल्ली का प्रथम शासक था जिसका द्रष्टिकोण हिन्दुओ के प्रति उदार था .    
  • फिरोज खिलजी ने किलोखेरी को अपनी राजधानी बनाया था .    
अलाउद्दीन खिलजी :

  • अलाउद्दीन खिलजी फिरोज खिलजी का भतीजा व् दामाद था , अलाउद्दीन खिलजी ने कड़ा मानिकपुर में फिरोज खिलजी की हत्या कर दी .तथा खुद दिल्ली की गद्दी पर बैठ गया .
  • 22 अक्टूबर 1296 को अलाउद्दीन खिलजी दिल्ली का सुल्तान बना .
  • अलाउद्दीन के बचपन का नाम अली था .
  • अलाउद्दीन ने मालिक याकूब को दीवान - ए - रियासत नियुक्त किया .
  • अलाउद्दीन ने दक्षिण भारत में विजय प्राप्त करने के लिए मालिक काफूर को भेजा था .
  • 1297 में अलाउद्दीन ने गुजरात के हिन्दू राज्य को जितने के लिए उलुंग खां व् नुसरत खां  को  सेना के साथ गुजरात भेजा .उस समय वह का शासक राय कर्ण देव द्वीतीय था .
  • 1299 में मंगोल कुत्लुंग ख्वाजा ने भारत पर आक्रमण किया .1301 में अलाउद्दीन खिलजी ने हमीरदेव से रणथम्भोर जीता .
  • 1303 ई ० में अलाउद्दीन खिलजी ने चितोद जीता .
  • चितोद का नाम बदलकर अलाउद्दीन खिलजी ने अपने पुत्र खिज्र खां के नाम पर खिजिराबाद रखा .
अलाउद्दीन के द्वार किये गए महत्वपूर्ण कार्य :
  • अलाउद्दीन ने अपने सिक्को पर अपने आप को "द्वीतीय सिकंदर" के रूप में उल्लेखित करवाया.
  • दिल्ली के शासको में अलाउद्दीन खिलजी के पास सबसे अधिक व सबसे विशाल सेना थी जो की एक स्थाई सेना थी .
  • अलाउद्दीन खिलजी ने सेना को नकद वेतन देना प्रारम्भ किया तथा सैनिक का हुलिया लिखवाना प्रारम्भ किया और घोड़े दागने की प्रथा शुरु की तथा स्थाई सेना की नीव डाली .
  • अलाउद्दीन ने दिल्ली में जमियत खाना मस्जिद , अलाई दरवाजा ,सीरी का किला तथा हजार खम्बा महल का निर्माण कराया .
आर्थिक सुधार :
  • अलाउद्दीन ने भूराजस्व की दर को बढाकर पैदावार 1/2 भाग कर दिया .
  • खम्स लुट के धन में सुल्तान का हिस्सा 1/5 वे भाग के स्थान पर 3/4 भाग तय किया .
  • अलाउद्दीन खिलजी ने बाजार भाव नियंत्रण तथा व्यापारियों में बेईमानी रोकने के लिए कम तोलने वाले व्यापारियों के शरीर से उतनी ही मात्रा में मांस काट लेने का आदेश दिया था जितना की तोल में कमी की हो .
  • उसके द्वारा नियुक्त परवाना नवीस अधिकारी वस्तुओ के परमिट जरी करने का कार्य किया करता था .
  • शहना - ए - मंडी नामक स्थान पर वस्तुओ को बिक्री के लिए लेकर जाया जाता था .
  • सराए - ए - अदल नामक स्थान पर विभिन प्रकार के सामानों को बिक्री के लिए ल जाया जाता था जैसे की - कपडे ,मीठा ,जड़ी बूटी ,मेवा ,दीपक का तेल व अन्य रोजमर्रा की वस्तुए.
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