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Monday, March 11, 2019

हर्यक वंश का संस्थापक कौन था - पढ़े मगध के हर्यक वंश के संस्थापक से जुडी महत्वपूर्ण जानकारी

प्राचीन 16 महाजनपदो में से मगध एक साम्राज्य था जिससे परीक्षाओ में बहुत अधिक संख्या में प्रश्न पूछे जाते है . हम यहाँ पर ऐसे ही सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों के बारे में आपको जानकारी देंगे . जैसे यह प्रमुख प्रश्न -
हर्यक वंश का संस्थापक  कौन था ? , Hryak Vansh Ka Sansthapak Koun Tha ? यह प्रश्न कई बार परीक्षा में पूछा जा चूका है . इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको मगध के हर्यक वंश के संस्थापक  के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारिया प्रदान करेंगे - सबसे पहले बात करते है हर्यक वंश के संस्थापक  के बारे में  -

haryak vansh ka sansthapak koun tha

हर्यक वंश का संस्थापक कौन था ?

बिम्बिसार हर्यक वंश का संस्थापक था . इसने मगध पर 543 ई०पू० से 492 ई०पू० तक शासन किया . 

हर्यक वंश के संस्थापक बिम्बिसार के बारे में कुछ अन्य  महत्वपूर्ण जानकारी -

  • बिम्बिसार ने राजगृह को अपनी राजधानी बनाया .
  • इसने अंग को जीतकर को जीतकर अपने पुत्र अजातशत्रु को वहां का शासक बना दिया .
  • बिम्बिसार ने वैवाहिक सम्बन्धो के द्वारा अपना राज्य का विस्तार किया . उसने पंजाब की राजकुमारी क्षेमा से , लिच्छवी के राजा चेटक की बहन चेलन्ना से तथा प्रसेनजित की बहन कोसल से विवाह किया.
  • राजा प्रसेनजित की बहन कोसल से विवाह करने के उपरांत बिम्बिसार को काशी से दहेज के रूप में राजस्व प्राप्त होने लगा .
  • बिम्बिसार ने ब्रह्मदत्त को हराकर  अंग राज्य पर विजय प्राप्त की थी.
  • बिम्बिसार गौतम बुद्ध का समकालिन था ,  तथा बुद्ध से कई बार इसकी भेंट हुई थी, बुद्ध से प्रभावित होकर उसने बौद्ध धर्म ग्रहण कर  लिया था .
  • जैन व बौद्ध दोनों साहित्यों में बिम्बिसार को उनके धर्म का अनुयायी होने का दावा किया गया  है.
  • बौद्ध ग्रन्थ 'विनयपिटक' के अनुसार, बिम्बिसार ने अपने पुत्र अजातशत्रु को युवराज घोषित कर दिया था परन्तु अजातशत्रु ने जल्द राज्य पाने की कामना में बिम्बिसार की हत्या करके मगध की गद्दी पर बैठ गया . उसे ऐसा कृत्य करने के लिये बुद्ध के चचेरे भाई 'देवदत्त' ने अजातशत्रु को उकसाया था और यह षड्यन्त्र रचा था.
  • जैनियों के ग्रन्थ 'आवश्यक सूत्र' के अनुसार, जल्द राज्य पाने की चाह में अजातशत्रु ने अपने पिता बिम्बिसार को कैद कर लिया, जहां रानी चेल्लना ने बिम्बिसार की देखरेख की. बाद में जब अजातशत्रु को पता चला कि उसके पिता उसे बहुत चाहतें हैं और वे उसे युवराज नियुक्त कर चुकें हैं, तो अजातशत्रु ने लोहे का डंडे से  बिम्बिसार की बेडियां काटने चला पर उसके पिता  ने किसी अनिष्ठ की आशंका में जहर खा लिया और इस प्रकार बिम्बिसार की म्रत्यु हुई .
आशा करता हु इस पोस्ट में दी गयी जानकारी " हर्यक वंश का संस्थापक  कौन था ? , Hryak Vansh Ka Sansthapak Koun Tha ?" आपको पसंद आई होगी . इस विषय से सम्बंधित यदि आपके कोई सवाल है तो आप हमसे  कमेंट के द्वारा पूछ सकते है . यदि आपको जानकारी   अच्छी लगी हो तो इसे शेयर करना न भूले . 

Saturday, March 9, 2019

मध्य प्रदेश की राजधानी का नाम क्या है | मध्य प्रदेश राज्य एवं इसकी राजधानी से सम्बंधित जानकारी

मध्य प्रदेश भारत का एक राज्य है इसकी सीमाए उत्तर प्रदेश , राजस्थान , गुजरात , महारास्ट्र ,छत्तीसगढ़ से मिलती है . मध्य प्रदेश 01 नवंबर, 2000 तक क्षेत्रफल के आधार पर भारत का सबसे बड़ा राज्य था  इस दिन मध्यप्रदेश राज्य से 14 जिले अलग कर छत्तीसगढ़ राज्य  की स्थापना की गयी थी.
Madhya Pradesh Ki Rajdhani Ka Naam Kya Hai

मध्य प्रदेश राज्य खनिज संसाधनों से समृद्ध है , मध्य प्रदेश हीरे और तांबे का सबसे बड़ा भंडार है. अपने क्षेत्र की 30% से अधिक वन क्षेत्र के अधीन है. इसके पर्यटन उद्योग में काफी वृद्धि हुई है. राज्य में वर्ष 2010-11 राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार जीत लिया था.
मध्य प्रदेश राज्य भारत के बीच में स्थित है इसी कारण इसका नाम मध्य प्रदेश पड़ा .

मध्य प्रदेश की राजधानी क्या है / Madhya Prdesh Ki Rajdhani Kya hai 

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल है . Bhopal is the Capital Of Madhya Pardesh.

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी -

  • भोपाल का प्राचीन नाम भूपाल है जिसका अर्थ  भू = भूमि, पाल=दूध. दूसरा मत यह है कि इस शहर का नाम एक अन्य राजा भूपाल शाही के नाम पर पड़ा था .
  • यह  मध्य प्रदेश राज्य की राजधानी है और भोपाल ज़िले का प्रशासनिक मुख्यालय  है.
  • भोपाल को  झीलों की नगरी भी कहा जाता है,क्योंकि यहाँ कई छोटे-बड़े झील हैं.
  • यह शहर 1984 में हुए दर्दनाक हादसे की वजह से सुर्खियों में आया था जिसे "भोपाल गैस त्रासदी" के नाम से भी जाना जाता है .
  • 1984 में अमरीकी कंपनी, यूनियन कार्बाइड से मिथाइल आइसोसाइनेट गैस के रिसाव से लगभग बीस हजार लोगो की म्रत्यु हो गयी थी . 
  •  भोपाल गैस त्रासदी का कुप्रभाव आज तक वायु प्रदूषण, भूमि प्रदूषण, जल प्रदूषण के अलावा जैविक विकलांगता एवं अन्य रूपों में आज भी जारी है . 
  • भोपाल में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) का एक कारखाना है. 
  • हाल ही में भोपाल में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र ने अपना दूसरा 'मास्टर कंट्रोल फ़ैसिलटी' स्थापित की है.
  • भोपाल में ही भारतीय वन प्रबंधन संस्थान भी है जो भारत में वन प्रबंधन का एकमात्र संस्थान है.

Friday, March 8, 2019

बिहार की राजधानी का नाम क्या है | बिहार राज्य एवं इसकी राजधानी से सम्बंधित जानकारी

वर्तमान समय में भारत में कूल 29 प्रदेश तथा 7 केन्द्रशाषित प्रदेश है . प्रत्येक प्रदेश की अपनी राजधानी होती है (कुछ केन्द्रशाषित प्रदेशो को छोड़कर).  राज्यों की राजधानी के नाम अक्सर करके परीक्षाओ में पूछे जाते है . यहाँ पर हम बिहार   राज्य एवं इसकी राजधानी के विषय में जानेगें. 

बिहार की  उत्तर दिशा  में नेपाल, पूर्व में पश्चिम बंगाल, पश्चिम में उत्तर प्रदेश और दक्षिण में झारखण्ड राज्य  स्थित है. बिहार राज्य का नाम बौद्ध भिक्षुओ / सन्यासियों के ठहरने के स्थान "विहार" शब्द के अपभ्रंश (बदले हुए सवरूप) से पड़ा है . 
यह क्षेत्र गंगा नदी तथा उसकी सहायक नदियों के उपजाऊ मैदानों से बना है . यह राज्य  प्राचीन काल के विशाल साम्राज्यों का गढ़ रहा है , किन्तु वर्तमान समय  में देश की अर्थव्यवस्था के सबसे पिछड़े योगदाताओं में से एक बनकर रह गया है रह गया है .

Bihar Ki Rajdhani ka Naam Kya hai


बिहार के लोग या बिहार के स्थायी निवासी बहुत ही होशियार और मेहनती तथा स्वाभिमानी होते हैं . प्राचीन काल से विश्व का गौरव कहे जाने वाले बिहार में वर्तमान साक्षरता दर बहुत कम है लेकिन परिस्थितियाँ बदल रही है और साक्षरता बढ़ रही है . यहाँ की मिट्टी बहुत उपजाऊ है तथा कृषि यहाँ के लोगों की मुख्य जीविका है . 
आने वाले समय में बिहार का देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान होगा .

बिहार  की राजधानी का नाम क्या है / Which is The Capital of Bihar ? -

बिहार की  राजधानी  पटना है . Patna Is The Capital Of बिहार 


बिहार की राजधानी पटना के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियाँ -

  • बिहार  की राजधानी पटना को प्रचीन समय में पाटलिपुत्र के नाम से जाना जाता था .
  • पटना  गंगा नदी के दक्षिणी किनारे पर अवस्थित है . जहां पर गंगा घाघरा, सोन और गंडक जैसी सहायक नदियों से मिलती है.
  • 2011 की जनगणना के अनुसार पटना की जनसंख्या 1,683,200 है.
  • धार्मिक द्रष्टिकोण से भी पटना काफी महत्वपूर्ण स्थान है  प्राचीन बौद्ध और जैन तीर्थस्थल वैशाली, राजगीर या राजगृह, नालन्दा, बोधगया और पावापुरी पटना शहर के आस पास ही अवस्थित हैं. पटना सिक्खों के लिये एक अत्यंत ही पवित्र स्थल है. सिक्खों के 10वें तथा अंतिम गुरु गुरू गोबिंद सिंह का जन्म पटना में हीं हुआ था. प्रति वर्ष देश-विदेश से लाखों सिक्ख श्रद्धालु पटना में हरमंदिर साहब के दर्शन करने आते हैं तथा मत्था टेकते हैं.
  • .
आशा करता हु  इस पोस्ट में दी गयी " बिहार की राजधानी का नाम क्या है / Bihar Ki Rajdhani ka Naam Kya hai" की जानकारी आपको अच्छी लगी होगी . यदि आपके इस विषय से सम्बन्धी कोई क्वेश्चन है तो हमे कमेंट के द्वारा बताये .


E-Mail Full Form in Hindi | ईमेल की फुल फॉर्म हिंदी में जानकारी

What is full form of E-Mail ? , E-Mail Full Form in Hindi ?  क्या आपके मन में भी इस प्रकार के सवाल है . क्या आप E-Mail से सम्बन्धित इस प्रकार के प्रश्नों के उत्तर जानना चाहते है यदि हाँ तो इस पोस्ट को पढ़े यहाँ आपके इन सारे सवालों के जवाब मिल जायेंगे . कंप्यूटर / इन्टरनेट से सम्बंधित  शब्दों की फुल फॉर्म परीक्षाओ में अक्सर करके पूछी जाती है इसलिए इन शब्दों की फुल फॉर्म आपको जरूर याद कर लेनी चहिये .

E-Mail Full Form in Hindi

Full Form of E-Mail in Hindi / ई-मेल फुल फॉर्म का पूरा फॉर्म क्या है -

ई-मेल फुल फॉर्म इलेक्ट्रॉनिक मेल है. Email Stands For Electronic Mail.

ई-मेल क्या है / What is Email ?

ई-मेल - इलेक्ट्रॉनिक मेल इंटरनेट पर सबसे लोकप्रिय सेवा में से एक है जो मानव द्वारा समझी जाने वाली कोई भी भाषा जैसे अंग्रेजी , हिंदी आदि को इलेक्ट्रॉनिक रूप में कोद्बद्ध करके विश्व के एक भाग से अन्य किसी भी भाग में एक स्थान से दुसरे स्थान पर भेजा जा सकता है  . इसकी गति बहुत ज्यादा होती है क्यूंकि यह विधुत की गति से जाता है इसलिए यह पुरे विश्व में सेकंड में पहुंच सकता है .

यह सेवा वस्तुतः न्यूनतम मूल्य पर बड़ी संख्या में लोगों को जानकारी वितरित करने की क्षमता प्रदान करती है .

ई-मेल पता क्या है / What is Email Address ?

ईमेल पता दो भागों से मिलकर बनता है -

उपयोगकर्ता नाम (User Name): एक ही डोमेन में यह हर ई मेल उपयोगकर्ता के लिए अद्वितीय (Unique) है। यदि उपलब्ध हो तो उपयोगकर्ता इसे पसंद के अनुसार बना सकते हैं।
डोमेन नाम (Domain Name) : डोमेन नाम विशिष्ट ईमेल प्रदाता जैसे जीमेल, ईमेल, हॉटमेल आदि के लिए हर ईमेल उपयोगकर्ता के लिए विशिष्ट (Common) है।
इन दो भागों को "AT The Rate से अलग करते है इन दो भागों को "AT The Rate (@) से अलग करते है "   @ प्रतीक 1972 में टॉमलिंसन द्वारा विकसित किया गया था . ई-मेल पते का उदाहरण - xyz@gmail.com, about.ssccorner@gmail.com.



आशा करता हु  इस पोस्ट में दी गयी "Email Full Form in Hindi" की जानकारी आपको अच्छी लगी होगी . यदि आपके इस विषय से सम्बन्धी कोई क्वेश्चन है तो हमे कमेंट के द्वारा बताये .

Tuesday, March 5, 2019

राजस्थान की राजधानी का नाम क्या है | राजस्थान राज्य एवं इसकी राजधानी से सम्बंधित जानकारी

वर्तमान समय में भारत में कूल 29 प्रदेश तथा 7 केन्द्रशाषित प्रदेश है . प्रत्येक प्रदेश की अपनी राजधानी होती है (कुछ केन्द्रशाषित प्रदेशो को छोड़कर).  राज्यों की राजधानी के नाम अक्सर करके परीक्षाओ में पूछे जाते है . यहाँ पर हम राजस्थान  राज्य एवं इसकी राजधानी के विषय में जानेगें. 

राजस्थान की राजधानी का नाम क्या है
राजस्थान की राजधानी

राजस्थान  को  क्षेत्रफल की द्रष्टि से देखा जाए  तो यह भारत का  सबसे बड़ा और जनसंख्या की दृष्टि से सातवाँ सबसे बड़ा राज्य है.  बात करते है राजस्थान की राजधानी के बारे में -

राजस्थान की राजधानी का नाम क्या है / Which is The Capital of Rajasthan ? -

राजस्थान की  राजधानी  जयपुर है . Jaipur Is The Capital Of Rajasthan


राजस्थान की राजधानी जयपुर के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियाँ -

  • राजस्थान की राजधानी जयपुर को गुलाबी नगर (Pink City) के नाम से भी जाना जाता है.
  • 2011 की जनगणना के अनुसार जयपुर भारत का दसवां सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर है.
  • पहले यह  आमेर राज्य की  जयपुर नाम से प्रसिद्ध प्राचीन रजवाड़े की भी राजधानी रहा है . 
  • जयपुर शहर की स्थापना 1728 में आमेर के महाराजा जयसिंह द्वितीय ने की थी. 
  • राजा जयसिंह द्वितीय के नाम पर ही इस शहर का नाम जयपुर पड़ा.
  • 1876 ई० में तत्कालीन महाराज सवाई रामसिंह ने इंग्लैंड की महारानी एलिज़ाबेथ प्रिंस ऑफ वेल्स युवराज अल्बर्ट के स्वागत में पूरे शहर को गुलाबी रंग से आच्छादित करवा दिया था। तभी से शहर का नाम गुलाबी नगरी पड़ा है.
  • जयपुर अपनी समृद्ध भवन निर्माण-परंपरा, सरस-संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है.
  • यह शहर तीन ओर से अरावली पर्वतमाला से घिरा हुआ है.
  • जयपुर भारत के टूरिस्ट सर्किट गोल्डन ट्रायंगल (India's Golden Triangle) का हिस्सा है.
  • जयपुर में भारी संख्या में देशी व विदेशी पर्यटक घुमने जाते है .
आशा करता हु  इस पोस्ट में दी गयी " राजस्थान की राजधानी का नाम क्या है / Rajsthan Ki Rajdhani ka Naam Kya hai" की जानकारी आपको अच्छी लगी होगी . यदि आपके इस विषय से सम्बन्धी कोई क्वेश्चन है तो हमे कमेंट के द्वारा बताये .

SSC CHSL 10+2 Recruitment 2019 | Apply Now Online before Last Date - 05 April 2019

कर्मचारी चयन आयोग CHSL 10+2 (लोवर डिवीज़न क्लर्क , पोस्टल असिस्टेंट ,डाटा एंट्री ऑपरेटर) भर्ती 2019:
Staff Selection Commission (SSC) द्वारा CHSL 10+2 (लोवर डिवीज़न क्लर्क , पोस्टल असिस्टेंट ,डाटा एंट्री ऑपरेटर) के विभिन पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की गयी है .इच्छुक उमीदवार 05 अप्रैल 2019 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते है .
SSC CHSL 10+2 Recruitment 2019

उमीदवार ऑनलाइन आवेदन करने से पहले योग्यता सम्बंधित नियम व शर्ते भली भांति पढ़ ले तथा अधिकारिक अधिसूचना से मिलान कर ले .

Short Details :


 SSC CHSL 10+2 Recruitment 2019.

 Vacany Details (पदों की जानकारी) 
 

  • Lover Division Clerk / Junior Secretariat Assistant .
  • Postal Assistant / Sorting Assistant.
  • Data Entry Operator. 
 
 Educational Qualification (शैक्षिक योग्यता) 
  • For LDC/SA / Postal Assistant -मान्यता प्राप्त राज्य बोर्ड / केंद्रीय बोर्ड / यूनिवर्सिटी से 12th की परीक्षा पास या समकक्ष योग्यता .
  • For DEO - 12th with Science (mathematics Compulsary).
  • Read Full Official Notification for More Details.
 Fees (शुल्क)
  • General/OBC : Rs 100.
  • SC/ST : Rs 0.
  • PH : Rs 0.
  • All Categories Female : Rs 0.

 आवेदक एग्जाम शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम - नेट बैंकिंग ,  क्रेडिट कार्ड , डेबिट कार्ड एवं E चालान   के माध्यम  से कर सकते है .
 Age Limit (आयु सीमा)

  • आयु सीमा -01/08/2019.को कम से कम  18 वर्ष व अधिकतम  28 वर्ष.
  • Full Notification देखे .


 Age Relaxation(आयु में छुट)
  • सरकार के नियमानुसार एससी / एसटी / ओबीसी / पीडब्ल्यूडी / पीएच उम्मीदवारों को आयु में छूट दी जायेगी.


 Selection Procedure (चयन प्रक्रिया )
  • Tier 1- Examination (Objective).
  • Tier 2- Examination(Descriptive).
  • Tier 3- Typing Test.
  • अधिक जानकारी के लिए Null Notification  देखे .
 Important Dates(महत्वपूर्ण  तिथि)
  • आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की तिथि : 05 मार्च  2019.
  • आवेदन करने की अंतिम तिथि  : 05 अप्रैल  2019.
  • आवेदन शुल्क जमा करने के अंतिम तिथि : 07 अप्रैल  2019.
 How to Apply (कैसे आवेदन करे)
  • योग्य उम्मीदवार 05 अप्रैल 2019 तक Staff Selection Commission (SSC)  की आधिकारिक वेबसाइट www.ssconline.nic.in पर logIn करके ऑनलाइन आवेदन कर सकते है .
  Important Links 

Read Also :

Saturday, March 2, 2019

Indian Railway NTPC Recruitment 2019 - 35277 Post 10+2 & Graduation Level - Apply Online Now

Indian Railway NTPC Recruitment 2019 - Railway Recruitment Board (Indian Railway) Released Recruitment Notification For 35277 NTPC (Non-Technical Popular Categories Post) Posts .Interested Candidates Can Apply Before 31 March 2019. Before applying the candidacy online, read the terms and conditions of the qualifications properly and match the official notification.

Indian Railway NTPC Recruitment 2019


Short Details of Recruitment -

Advt. No. : CEN 01/2019.

Educational Qualification for Indian Railway NTPC   Recruitment 2019-


  • Junior Clerk Cum Typist (JCCT) , Accounts Clerk Cum Typist (ACCT), Junior Time Keeper(JTK) , Trains Clerk (TC) , Commercial Cum Ticket Clerk (CC/TC) - 10+2 Intermediate Exam Passed From Any Recognized Board in India With 50% Marks (SC / ST Pass Only).
  • Traffic Assistant (TA),Good Guard (GG) , Senior Commercial cum Ticket Clerk , Senior Clerk Cum Typist ,Junior Accounts Assistant Cum Typist , Senior Time Keeper , Commercial Apprentice (CA) , Station Master -Bachelor Degree from recognized University Pass or equivalent qualification.

Name of Post - No of Post (Vacancy Details) -

NTPC 10+2 Intermediate Level Post -
  • Junior Clerk Cum Typist (JCCT) - 4319
  • Accounts Clerk Cum Typist (ACCT) - 760
  • Junior Time Keeper(JTK) - 17
  • Trains Clerk (TC) - 592
  • Commercial Cum Ticket Clerk (CC/TC) - 4940.

NTPC Graduation Level Post -
  • Traffic Assistant (TA) - 88
  • Good Guard (GG) - 5748
  • Senior Commercial cum Ticket Clerk - 5638
  • Senior Clerk Cum Typist - 2873
  • Junior Accounts Assistant Cum Typist - 3164
  • Senior Time Keeper - 14
  • Commercial Apprentice (CA) , 259
  • Station Master - 6865

Application Fees.
  • General/OBC : Rs 500.
  • SC/ST /PH  : Rs 250.
The applicant can pay the application fee  through online medium - Net Banking, Credit Card, Debit Card and E Chalan.

Age Limit -
  • 10+2 Intermediate Level Post Age limit- 01/07/2019  : At least 18 years and maximum 30 years.
  • Graduation Level Post Age limit - 01/07/2019 : At least 18 years and maximum 33 years.
  • Age Relaxation As Per Government Rules for SC / ST / OBC / PWD / PH Candidates.
Important Dates -
  • Application Starting From : 01-03-2019.
  • Last Date for Apply Online : 31-03-2019.
  • Last Date for Pay Online Fee :  05-04-2019.
  • Last Date for Final Submit Online : 12-04-2019
  • Exam Date : Will Notify Soon.
Important Links for Railway NTPC Recruitment 2019 -

Railway NTPC Recruitment 2019 Exam Syllabus -


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